कैंसर के लिये उपयोग की जाने
वाली वनस्पतियॉ
1- शीशम के पत्ते
2- पपीते के पत्ते
3-पुर्ननवा
4-हरड
5-बहेरे का चूर्ण
6-हल्दी
निया भर में मशहूर फल नींबू के कई फायदे हैं पर क्या आप जानते हैं कि
स्वस्थ जीवन के साथ-साथ ये कैंसर के उपचार में भी लाभदायक साबित हुआ है। अध्ययन के
मुताबिक नींबू में लीमोनॉइड्स फाइटोकेमिकल्स होते है जिनमें कैंसर रोधी गुण मौजूद
होते हैं।
इस बात की पुष्टि औषधि निर्माताओं ने भी की है। नींबू में 12 प्रकार के कैंसर से लड़ने की क्षमता है। कीमोथेरेपी और नारकोटिक प्रोडक्ट की तुलना में नींबू हजार गुणा बेहतर और असरदार पाया गया है और अगर नींबू के साथ बेकिंग सोडा का इस्तेमाल किया जाए तो ये मिश्रण कैंसर के सेल्स पर शक्तिशाली तौर पर असर करता है। 1 : हेल्दी pH बैलेंस करना : हमारे पेट में एसिडिक वातावरण होने से कई तरह की बीमारियाँ जैसे एसिडिटी, कैसर, आस्टियोपोरोसिस, और आर्थराइटिस जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हमारे अन्दर मौजूद ब्लड एक न्यूट्रल pH 7.3 और 7.4 कायम रखता है जोकि थोडा क्षारीय होने की स्थिति में होता है। बेकिंग सोडा क्षारीय प्रवृति का होता है और आसानी से हमारे ब्लड में सर्कुलेट होता है इसलिए खाली पेट बेकिंग सोडा खाने से हमारा हेल्दी pH कायम रहता है और यह एसिडिटी, कब्ज़, और पेट मे होने वाली उलझन को ठीक रखने में मदद करता है। 2 : किडनी स्टोन होने से रोकना : ये स्टोन क्रिस्टल जैसे होते हैं और उतने ही बड़े होते हैं कि आसानी से हमारे यूरिन यानी मूत्र से बाहर निकल जाते हैं लेकिन जब यह युरेटर से चिपक जाते है और यूरिन के माध्यम से बाहर नहीं निकल पाते तो आप कल्पना कर सकते है की कितना दर्द होता होगा। किडनी स्टोन के कारण पीठ में दर्द होना, मिचली आना, और यूरिन यानी मूत्र मे खून का आना जैसी दिक्कतें होती हैं। जैसा कि हम आपको यह पहले बता चुके हैं कि बेकिंग सोडा क्षारीय होता है और यह स्टोन को छोटे छोटे टुकड़ों में तोड़ देता है जिससे कि यह आसानी से मूत्र से बाहर निकल जाता है। यदि आप लगातार खाली पेट बेकिंग सोडा पीते हैं तो आपको कभी भी किडनी स्टोन की समस्या नहीं आयेगी। 3 : मूत्र में होने वाले इन्फेक्शन से बचाता है : अक्सर लोगों में यूटीआई की समस्या हो जाती है इसके लिए लोग एंटीबायोटिक का इस्तेमाल करते हैं जिससे आराम मिलता है। लेकिन समय के साथ जब हम एंटीबायोटिक का इस्तेमाल ज्यादा करने लगते हैं तो इन्फेक्शन करने वाले बैक्टीरिया में प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाती है जिससे एंटीबायोटिक का असर नहीं होता जिससे गंभीर समस्या हो सकती है। आप इसके लिए फिर से बेकिंग सोडा का इस्तेमाल कर सकते हैं, बेकिंग सोडा मूत्र के एसिड लेवल को उदासीन रखता है। बेकिंग सोडा एक नेचुरल डीटॉक्सीफायर होता है जो किडनी को साफ़ रखता है जिससे इन्फेक्शन आगे किडनी में नहीं फैलता है और कोई नुकसान नहीं होता है। 4 : नेचुरल एंटाएसिड : हमारे पेट में एसिड होते हैं जो स्वस्थ पाचन के लिए जरुरी होते हैं। लेकिन जब यह एसिड हमारे पेट से निकलकर आहार नली में आ जाता है तो हमें गले और पेट में जलन जैसी दिक्कत होने लगती है। क्षारीय प्रवृति होने के कारण बेकिंग सोडा एक नेचुरल एंटाएसिड होता है। यह हमारे पेट में मौजूद एसिड को उदासीन करता है और पेट में गैस को बनने से रोकता है जिससे हमें पेट और गले में होने वाली जलन से आराम मिलता है।
इस बात की पुष्टि औषधि निर्माताओं ने भी की है। नींबू में 12 प्रकार के कैंसर से लड़ने की क्षमता है। कीमोथेरेपी और नारकोटिक प्रोडक्ट की तुलना में नींबू हजार गुणा बेहतर और असरदार पाया गया है और अगर नींबू के साथ बेकिंग सोडा का इस्तेमाल किया जाए तो ये मिश्रण कैंसर के सेल्स पर शक्तिशाली तौर पर असर करता है। 1 : हेल्दी pH बैलेंस करना : हमारे पेट में एसिडिक वातावरण होने से कई तरह की बीमारियाँ जैसे एसिडिटी, कैसर, आस्टियोपोरोसिस, और आर्थराइटिस जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हमारे अन्दर मौजूद ब्लड एक न्यूट्रल pH 7.3 और 7.4 कायम रखता है जोकि थोडा क्षारीय होने की स्थिति में होता है। बेकिंग सोडा क्षारीय प्रवृति का होता है और आसानी से हमारे ब्लड में सर्कुलेट होता है इसलिए खाली पेट बेकिंग सोडा खाने से हमारा हेल्दी pH कायम रहता है और यह एसिडिटी, कब्ज़, और पेट मे होने वाली उलझन को ठीक रखने में मदद करता है। 2 : किडनी स्टोन होने से रोकना : ये स्टोन क्रिस्टल जैसे होते हैं और उतने ही बड़े होते हैं कि आसानी से हमारे यूरिन यानी मूत्र से बाहर निकल जाते हैं लेकिन जब यह युरेटर से चिपक जाते है और यूरिन के माध्यम से बाहर नहीं निकल पाते तो आप कल्पना कर सकते है की कितना दर्द होता होगा। किडनी स्टोन के कारण पीठ में दर्द होना, मिचली आना, और यूरिन यानी मूत्र मे खून का आना जैसी दिक्कतें होती हैं। जैसा कि हम आपको यह पहले बता चुके हैं कि बेकिंग सोडा क्षारीय होता है और यह स्टोन को छोटे छोटे टुकड़ों में तोड़ देता है जिससे कि यह आसानी से मूत्र से बाहर निकल जाता है। यदि आप लगातार खाली पेट बेकिंग सोडा पीते हैं तो आपको कभी भी किडनी स्टोन की समस्या नहीं आयेगी। 3 : मूत्र में होने वाले इन्फेक्शन से बचाता है : अक्सर लोगों में यूटीआई की समस्या हो जाती है इसके लिए लोग एंटीबायोटिक का इस्तेमाल करते हैं जिससे आराम मिलता है। लेकिन समय के साथ जब हम एंटीबायोटिक का इस्तेमाल ज्यादा करने लगते हैं तो इन्फेक्शन करने वाले बैक्टीरिया में प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाती है जिससे एंटीबायोटिक का असर नहीं होता जिससे गंभीर समस्या हो सकती है। आप इसके लिए फिर से बेकिंग सोडा का इस्तेमाल कर सकते हैं, बेकिंग सोडा मूत्र के एसिड लेवल को उदासीन रखता है। बेकिंग सोडा एक नेचुरल डीटॉक्सीफायर होता है जो किडनी को साफ़ रखता है जिससे इन्फेक्शन आगे किडनी में नहीं फैलता है और कोई नुकसान नहीं होता है। 4 : नेचुरल एंटाएसिड : हमारे पेट में एसिड होते हैं जो स्वस्थ पाचन के लिए जरुरी होते हैं। लेकिन जब यह एसिड हमारे पेट से निकलकर आहार नली में आ जाता है तो हमें गले और पेट में जलन जैसी दिक्कत होने लगती है। क्षारीय प्रवृति होने के कारण बेकिंग सोडा एक नेचुरल एंटाएसिड होता है। यह हमारे पेट में मौजूद एसिड को उदासीन करता है और पेट में गैस को बनने से रोकता है जिससे हमें पेट और गले में होने वाली जलन से आराम मिलता है।
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